रविवार, 12 अप्रैल 2009

श्रद्धांजलि

प्रख्यात साहित्यकार विष्णु प्रभाकर का देहावसान

हिंदी के वयोवृद्ध प्रख्यात साहित्यकार विष्णु प्रभाकर जी का 10 अप्रैल 2009 को देर रात दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में निधन हो गया। 97 वर्षीय प्रभाकर काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके पार्थिव शरीर को उनकी इच्छानुसार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) दान कर दिया गया। स्वभाव से बेहद सरल और विनम्र विष्णु प्रभाकर जी एक महान लेखक थे। कर्म करने में ही विश्वास रखने वाले इस लेखक ने आडम्बर न जीवन में पसंद किए, न साहित्य में। "आवारा मसीहा" उनकी हिंदी में ही नहीं, वरन विश्व साहित्य में एक क्लासिक कृति है। साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त उनका उपन्यास “अर्द्ध-नारीश्वर” भी एक बहुचर्चित उपन्यास रहा है। कहानियों, लघुकथाओं के अतिरिक्त प्रभाकर जी ने कई नाटकों की रचना की और बाल साहित्य में भी लेखन करते रहे। इस महान दिवगंत आत्मा को “गवाक्ष” “सेतु साहित्य” परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि !

2 टिप्‍पणियां:

प्रकाश बादल ने कहा…

विष्णु प्रभाकर जी के निधन पर मुझे भी बहुत दुःख हुआ है और हिमाचल प्रदेश के समस्त साहित्यकार और चिंतनशील वर्ग की ओर से श्री प्रभाकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं और उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं।

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

विष्णु जी को श्रद्धाँजलि !!